रायपुर/ छत्तीसगढ़ | 13 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (NQAP) के अंतर्गत ‘सर्विस प्रोवाइडर-cum-इंटरनल असेसर’ हेतु तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का सफल आयोजन 10 से 12 दिसम्बर 2025 तक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC) एवं यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से किया गया, जिसमें राज्यभर से 80 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण का उद्घाटन संचालक SIHFW डॉ. सुरेंद्र पामभोई, उप संचालक (क्वालिटी सेल) डॉ. संजीव मेश्राम तथा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह की उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन सत्र में डॉ. पामभोई ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता आश्वासन अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता है। प्रशिक्षित इंटरनल असेसर ही संस्थानों को NQAS प्रमाणन की दिशा में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। डॉ. मेश्राम ने राज्य की गुणवत्ता सुधार रणनीतियों पर प्रकाश डालते हुए आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता रेखांकित की।
प्रशिक्षण का तकनीकी नेतृत्व डॉ. गजेन्द्र सिंह द्वारा किया गया।
NHSRC, नई दिल्ली से सलाहकार डॉ. रतन शेखावत की उपस्थिति में राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, मूल्यांकन तकनीकों एवं स्कोरिंग प्रणाली पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। सत्रों में आठ विचारणीय विषय, चेकलिस्ट आधारित मूल्यांकन, गैप-एनालिसिस, सुधारात्मक कार्ययोजना (CAPA), क्लिनिकल स्टैंडर्ड्स, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, पेशेंट राइट्स तथा रिकॉर्ड-कीपिंग जैसे विषय शामिल रहे।
फील्ड-सिमुलेशन, मॉक असेसमेंट, केस-स्टडी और मॉक-ऑडिट के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता सुधार एक सतत, डेटा-आधारित प्रक्रिया है और रोगी-केंद्रित सेवा ही इसकी मूल आत्मा है। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने नियमित इंटरनल असेसमेंट, ठोस कार्ययोजना निर्माण और NQAS प्रमाणन हेतु संगठित प्रयासों का संकल्प लिया।


