छत्तीसगढ़ का समय आ गया है और हम सब मिलकर इसे देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाएंगे_राज्यपाल रमेन डेका।जनचौपाल_36/चौपाल से चौपाटी तक
रायपुर | 26 जनवरी, 2026
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए राज्य की विकास यात्रा का खाका प्रस्तुत किया।
विकसित छत्तीसगढ़ का रोड_मैप: ‘अंजोर विजन’
राज्यपाल ने बताया कि राज्य अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। इस अवसर पर वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने के लिए ‘अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, “भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और छत्तीसगढ़ इस विकास यात्रा में अपनी खनिज संपदा और औद्योगिक शक्ति के साथ अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”
माओवाद का खात्मा और बस्तर का कायाकल्प
सुरक्षा के मोर्चे पर राज्यपाल ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुनियोजित रणनीति और जवानों के साहस के बल पर मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से माओवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा।
पुनर्वास: पिछले दो वर्षों में 2,500 से अधिक नक्सलियों ने हिंसा छोड़ संविधान में आस्था जताई है।
बुनियादी ढांचा: ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं से सुदूर गांवों तक बिजली, पानी और सड़क पहुंचाई जा रही है।
‘कोर सेक्टर’ से ‘हाई-टेक’ की ओर
राज्यपाल ने गर्व से उल्लेख किया कि देश के बुनियादी ढांचे में छत्तीसगढ़ का लोहा (स्टील) बोलता है।
फौलादी मजबूती: चिनाब रेलवे ब्रिज, आईएनएस विक्रांत और बांद्रा-वर्ली सी लिंक में छत्तीसगढ़ के स्टील का उपयोग हुआ है।
भविष्य की तकनीक: प्रदेश अब केवल कोयला और सीमेंट तक सीमित नहीं है। नया रायपुर में सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई (AI) डेटा सेंटर पार्क पर काम चल रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में क्रांति
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP): राज्यपाल ने बताया कि अब प्रदेश में MBBS की पढ़ाई हिंदी में शुरू हो गई है। स्थानीय भाषाओं में शिक्षा देने से बच्चों का जुड़ाव बढ़ा है।
स्वास्थ्य: बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल वैन पहुंच रही हैं और बंद पड़े स्कूलों को पुनः खोला गया है।
किसान और मातृशक्ति का सम्मान
धान खरीदी: किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल का मूल्य दिया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ से 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
पर्यावरण और जल संरक्षण
राज्यपाल ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाने की सराहना की। उन्होंने भविष्य के जल संकट से निपटने के लिए महानदी और इंद्रावती नदियों को जोड़ने के सर्वे की भी जानकारी दी।


