महिला समूहों के हाथों में आर्थिक सशक्तिकरण की चाबी, बच्चों को मिलेगा पौष्टिक आहार ।
रायगढ़, 17 अगस्त।
✍️ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को एक बार फिर पूरक पोषण आहार “रेडी-टू-ईट” निर्माण का जिम्मा सौंपकर उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण की नई दिशा दी है। इस पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई, जहां ग्राम पंचायत कोतरलिया में पहली इकाई ने उत्पादन शुरू कर दिया है।
रेडी टू ईट उत्पादन प्रारंभ
👉 मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे थे। इसके बाद त्वरित रूप से मशीनें स्थापित की गईं और अब “रेडी-टू-ईट” उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस पहल से महिलाएँ आत्मनिर्भर बनेंगी और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व पौष्टिक आहार उपलब्ध होगा।
यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादाई
👉 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कोतरलिया में इकाई का शुभारंभ करते हुए स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने महिला समूहों को गुणवत्ता बनाए रखने की हिदायत दी और कहा कि रायगढ़ से शुरू हुआ यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।
👉 रायगढ़ जिले में 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूह चयनित किए गए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज (PMFME) योजना के तहत पूंजीगत सब्सिडी भी दी जा रही है। रायगढ़ शहरी, ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू क्षेत्र के समूह जल्द ही उत्पादन शुरू करेंगे।
👉 प्रथम चरण में यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ और सूरजपुर में लागू किया गया है। इनमें रायगढ़ पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान न केवल महिलाओं की तरक्की का माध्यम बनेगा बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य को भी नई दिशा देगा।


