रायपुर/बस्तर, 29 दिसंबर 2025
बस्तर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार धान उपार्जन के साथ-साथ अवैध धान विक्रय पर कड़ी निगरानी का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। कलेक्टर श्री हरिस एस के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बकावंड विकासखण्ड में प्रशासन ने व्यापारी और किसान की मिलीभगत से किए जा रहे बड़े धान फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।
सोमवार को धान उपार्जन केंद्र करपावंड के औचक निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री मनीष वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने संदेह के आधार पर एक मामले की जांच की, जिसमें किसान के नाम से जारी टोकन पर व्यापारी द्वारा धान खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि धान विक्रय के लिए प्रस्तुत टोकन कृषक उपेन्द्र भारती पिता अर्जुन भारती के नाम पर जारी था, जबकि वास्तविकता यह थी कि उपेन्द्र भारती आजीविका के कारण हैदराबाद में निवासरत हैं। उनकी भूमि पर खेती उनके भाई लखीधर भारती द्वारा की जा रही थी। लखीधर ने अपनी फसल के लिए 182 क्विंटल का टोकन कटवाया था, जबकि खेत में वास्तविक उत्पादन मात्र 100 क्विंटल ही हुआ था।
टोकन में दर्ज अतिरिक्त 80 क्विंटल धान का गलत लाभ उठाने के लिए व्यापारी राजेश गुप्ता ने साजिश रचते हुए मंडी करपावंड से धान खरीदकर उसे दो वाहनों—सीजी 17 केवाय 7204 एवं सीजी 17 केजे 9389—में लोड करवाया। ड्राइवरों को उपेन्द्र भारती के टोकन की फोटोकॉपी देकर उपार्जन केंद्र भेजा गया।
प्रशासन द्वारा सख्त पूछताछ किए जाने पर ड्राइवरों और किसान के भाई ने पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि कर दी। स्वीकारोक्ति के बाद एसडीएम श्री मनीष वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे दोनों वाहनों को जब्त कर थाना करपावंड के सुपुर्द कर दिया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।


