मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से हम एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। जनचौपाल36 /चौपाल से चौपाटी तक
बिलासपुर, 26 जनवरी 2026
विष्णुदेव साय ने 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर बिलासपुर में ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने आत्मीय छत्तीसगढ़ी बोली में “जय जोहार” के साथ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर नागरिक के हृदय में राष्ट्रप्रेम की लहर है और यह पर्व हमारे महापुरुषों के बलिदान तथा संविधान निर्माताओं के विजन को याद करने का दिन है।
नक्सलवाद का अंत और विकास का सूर्य
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और शांति के मोर्चे पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ माओवाद के कलंक को धोने के करीब है। उन्होंने दृढ़ता से कहा, “इसी वर्ष मार्च 2026 तक हम माओवाद को छत्तीसगढ़ की पावन धरा से जड़ से मिटा देंगे।” उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने वाली महिलाओं और युवाओं की सराहना की, जो अब हिंसा छोड़ बस्तर कैफे जैसे विकास कार्यों से जुड़ रहे हैं।
किसानों और गरीबों का कल्याण
राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ‘धान का कटोरा’ आज लबालब है। पिछले दो वर्षों में सरकार ने किसान हितैषी योजनाओं के जरिए ₹1.5 लाख करोड़ सीधे किसानों के खातों में भेजे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ‘आवास क्रांति’ चल रही है, जिसके तहत प्रतिदिन 2,000 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं।
विरासत का सम्मान और अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण को ‘छत्तीसगढ़ी अस्मिता’ का प्रतीक बताया। उन्होंने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीरनारायण सिंह जैसे नायकों को नमन करते हुए कहा कि हमारी सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर चल रही है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं के सशक्तिकरण को उन्होंने सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।


