रायपुर, 14 नवंबर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, प्रशासनिक ढांचे को सुव्यवस्थित करने और सार्वजनिक आवास योजनाओं को गति देने पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। किसानों के हित में फैसला लेते हुए, कैबिनेट ने खरीफ और रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसलों (जैसे अरहर, चना, सरसों) का उपार्जन ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (PSS) के तहत समर्थन मूल्य पर जारी रखने को मंजूरी दी। साथ ही, धान खरीदी के सुचारू संचालन हेतु ₹15,000 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति को अगले वर्ष (2025-26) के लिए पुनर्वेधीकृत किया गया, और विपणन संघ को ₹11,200 करोड़ की अतिरिक्त गारंटी भी प्रदान की गई।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और ‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया गया। इसके तहत दो विभागों का संविलियन (विलय) किया गया है: सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में मिलाया गया है। इस कदम का उद्देश्य शासकीय कार्यों में बेहतर तालमेल और सुशासन सुनिश्चित करना है।
बैठक में शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को दीर्घकालिक संचालन और विकास हेतु छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का भी अहम निर्णय लिया गया, जिससे राज्य में उच्चस्तरीय क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य की विभिन्न आवास योजनाओं (EWS और LIG) में अविक्रित भवनों की बिक्री को आसान बनाया गया। अब लगातार विज्ञापनों के बाद भी न बिकने पर, इन भवनों को किसी भी आय वर्ग के व्यक्ति या संस्थाओं को थोक में बेचा जा सकेगा; हालांकि, शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राहियों को ही मिलेगी।


