छत्तीसगढ़ में रेत और मुरुम के अवैध खनन व परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ रही है। धमतरी और बलौदाबाजार जिलों में हुई ताज़ा कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि निगरानी तंत्र सक्रिय है, लेकिन साथ ही यह भी उजागर होता है कि अवैध खनन का नेटवर्क अब भी पूरी तरह टूट नहीं पाया है।
धमतरी जिले में 28 दिसंबर की रात जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने ग्राम कलारतराई में औचक जांच के दौरान रेत और मुरुम के अवैध परिवहन में संलिप्त तीन हाईवा वाहनों को जब्त किया। इनमें दो वाहन मुरुम और एक वाहन रेत का अवैध परिवहन कर रहा था। प्रशासन ने वाहनों को जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, बलौदाबाजार जिले के आंकड़े अवैध रेत कारोबार की व्यापकता को दर्शाते हैं। वित्तीय वर्ष 2025–26 में नवंबर माह तक जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 543 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 1 करोड़ 85 लाख 99 हजार रुपये से अधिक की समझौता राशि खनिज मद में जमा कराई गई है। हाल ही में ग्राम सीरियाडीह स्थित महानदी रेत घाट में चैन माउंटेन मशीन से अवैध उत्खनन करते हुए कार्रवाई की गई।
प्रशासन का दावा है कि महानदी, जोंक और शिवनाथ नदियों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जा रहा है और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। बावजूद इसके, बार-बार सामने आ रहे मामलों से यह सवाल उठता है कि क्या केवल जुर्माना और वाहन जब्ती से अवैध खनन पर पूर्ण रोक लग पाएगी।
अवैध खनन के पीछे सक्रिय संगठित तंत्र, संरक्षण देने वालों और स्थायी मांग पर एक साथ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह समस्या नए रूप में सामने आती रहेगी।


