छत्तीसगढ़ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सांकेतिक चक्का जाम/जन चौपाल 36 _चौपाल से चौपाटी तक
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन केवल नाम बदलने के खिलाफ नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीबों के हक की लड़ाई है। यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो आने वाले समय में आंदोलन और भी व्यापक होगा।
छत्तीसगढ़/रायपुर_30/01/2026
छत्तीसगढ़ के लगभग सभी प्रमुख शहरों (रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग) में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक स्तर पर ‘चक्काजाम’ और ‘धरना-प्रदर्शन’ किया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कई राजमार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
विरोध के 5 प्रमुख कारण
मनरेगा (MGNREGA) में बदलाव: कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम पर चल रही इस योजना का नाम बदलने और इसके कानूनी स्वरूप से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है।
धान खरीदी समय सीमा
धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने राज्य में किसानों के हित का हवाला देते हुए धान खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है।
PDS राशन की किल्लत : कई जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन नहीं मिलने की शिकायतें हैं। आरोप है कि संचालकों द्वारा अंगूठा लगवा लिया गया है, लेकिन चावल अगले महीने देने की बात कही जा रही है।
कांग्रेस ने शराब दुकान का मुद्दा भी उठाया : ‘ड्राई-डे’ के दौरान भी शराब की दुकानें खुली रहने पर कांग्रेस ने सरकार के आबकारी प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।बकाया मजदूरी: मनरेगा श्रमिकों को समय पर भुगतान न मिलने को लेकर भी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपे गए हैं।
प्रमुख शहरों की स्थिति
रायपुर | लालपुर चौक पर जाम जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सांकेतिक चक्का जाम किया गया । दुर्ग में एक दिवसीय धरना | सरकार की नीतियों को ‘दमनकारी’ बताया और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, दुर्ग, गरियाबंद और रामानुजगंज समेत लगभग हर जिले और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के साथ चक्काजाम किया।बिलासपुर/जगदलपुर_ भारी ट्रैफिक जाम नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही घंटों बाधित रही। अंबिकापुर/रायगढ़ _ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन |
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रैलियां निकाली गईं।


