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Friday, October 30, 2026

छत्तीसगढ़ में लगेगी पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री, 152.74 करोड़ का निवेश, 3,500 युवाओं को मिलेगा रोजगार

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 छत्तीसगढ़ अब तक देश में खनिज, स्टील और बिजली उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन आने वाले समय में प्रदेश की पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी बनने जा रही है। नवा रायपुर में राज्य की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई स्थापित होने जा रही है। इस परियोजना पर करीब 152.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि फैक्ट्री के शुरू होने से लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे प्रदेश के युवाओं को दूसरे राज्यों में नौकरी तलाशने के बजाय अपने ही राज्य में काम करने का अवसर मिल सकता है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ फैक्ट्री का भूमिपूजन

नवा रायपुर में 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में यश फैन्स एंड एप्लायंसेज लिमिटेड की प्रस्तावित फैक्ट्री का भूमिपूजन किया गया। कंपनी इस परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अपनी पहली विनिर्माण इकाई स्थापित करने जा रही है।करीब 152.74 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होने के बाद लगभग 3,500 लोगों को सीधे रोजगार मिलने का अनुमान है।

क्रॉम्पटन, हैवेल्स और उषा जैसे ब्रांडों के उत्पाद बनेंगे

इस परियोजना की खासियत यह है कि यहां आम घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और घरेलू उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। हैदराबाद की यश फैन्स एंड एप्लायंसेज लिमिटेड मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक पंखों और रसोई में उपयोग होने वाले उपकरणों के निर्माण से जुड़ी कंपनी है।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी क्रॉम्पटन, हैवेल्स, उषा और मिल्टन जैसे बड़े ब्रांडों के लिए भी उत्पाद तैयार करती है। नवा रायपुर की इकाई में भी इन कंपनियों के लिए उत्पादन किए जाने की योजना है। हालांकि, फैक्ट्री में बनने वाले उत्पादों की पूरी सूची और उनकी उत्पादन क्षमता की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

3,500 युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

नई फैक्ट्री के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते खुल सकते हैं। उत्पादन प्रक्रिया में मशीन संचालन, असेंबली, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण और प्रबंधन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में कर्मचारियों की जरूरत होगी।इसका लाभ आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले युवाओं को भी मिल सकता है। इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों के लिए विशेष अवसर पैदा होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के स्टील और एल्युमिनियम उद्योग को मिलेगा लाभ

प्रदेश में पहले से ही स्टील और एल्युमिनियम से जुड़े उद्योगों का बड़ा आधार मौजूद है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई की स्थापना से स्थानीय कच्चे माल की खपत बढ़ने की संभावना है।पंखे और घरेलू उपकरण तैयार करने के लिए मोटर, धातु की बॉडी और कई तरह के पुर्जों की आवश्यकता होती है। यदि इनकी आपूर्ति स्थानीय उद्योगों से होती है, तो छोटे और मध्यम कारोबारियों को भी नए ऑर्डर मिल सकते हैं।इससे प्रदेश में कच्चे माल के उत्पादन के साथ-साथ तैयार वस्तुओं के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

कंपनी ने नवा रायपुर को क्यों चुना?

यश फैन्स के चेयरमैन रितेश नरेडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में स्टील और एल्युमिनियम की उपलब्धता, देश के मध्य में स्थित होने और पर्याप्त मानव संसाधन जैसे कारक उद्योग स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।कंपनी वर्तमान में हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश में कुल 12 विनिर्माण इकाइयां संचालित कर रही है। नवा रायपुर में प्रस्तावित प्लांट छत्तीसगढ़ में कंपनी का पहला औद्योगिक संयंत्र होगा।नई राजधानी में इस तरह के निवेश से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

छोटे कारोबारियों को भी मिल सकता है फायदा

किसी बड़े औद्योगिक संयंत्र की स्थापना का असर आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों पर भी पड़ता है। फैक्ट्री के संचालन के साथ पैकेजिंग, माल ढुलाई, मशीनों की मरम्मत, औद्योगिक उपकरणों की आपूर्ति और भंडारण जैसी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।इससे रायपुर, अभनपुर और आसपास के क्षेत्रों के छोटे कारोबारियों तथा उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था और सहायक उद्योगों को मिलने वाले संभावित लाभों का उल्लेख किया था।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निवेश को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार आधारित उद्योगों और नए निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। नवा रायपुर की यह परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने परियोजना को जल्द पूरा करने और उत्पादन शुरू कराने के लिए आवश्यक सहयोग देने की बात भी कही।सरकार इस पहल को मेक इन इंडिया अभियान से जोड़कर देख रही है। इसके साथ ही भविष्य में मेड इन छत्तीसगढ़ उत्पादों को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

भारी उद्योगों के साथ तैयार उत्पादों के निर्माण की ओर बढ़ेगा प्रदेश

नवा रायपुर में बनने वाली यह फैक्ट्री छत्तीसगढ़ के औद्योगिक ढांचे को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। अब तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था में खनिज और भारी उद्योगों का बड़ा योगदान रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों के निर्माण की शुरुआत से औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है।152.74 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार का प्रस्तावित लक्ष्य इस परियोजना को महत्वपूर्ण बनाता है। हालांकि, वास्तविक रोजगार और उत्पादन का आंकड़ा फैक्ट्री के संचालन तथा उसकी उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है, तो नवा रायपुर आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।

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