रायपुर/छत्तीसगढ़ _05/01/2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर में पर्यटन की नई संभावनाएं खुल रही हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में एक अनोखी “ग्रीन केव” (हरी गुफा) मिली है, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती से दुनिया को हैरान करने के लिए तैयार है।
क्यों अनोखी है यह गुफा?
कोटुमसर क्षेत्र में स्थित इस गुफा की दीवारों और चूने की आकृतियों (Stalactites) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें जमी हैं। इसी दुर्लभ विशेषता के कारण इसे ‘ग्रीन केव’ नाम दिया गया है। गुफा के भीतर विशाल कक्ष और चमकते पत्थरों की संरचनाएं सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण होंगी।
विकास और रोजगार के नए अवसर:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार, इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस नई खोज से बस्तर में स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
“ग्रीन गुफा का पर्यटन मानचित्र पर आना केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का एक नया द्वार है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होम-स्टे और परिवहन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।”
— केदार कश्यप, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री
तैयारियां जारी:
वन विभाग वर्तमान में गुफा की सुरक्षा, पहुंच मार्ग और पैदल पथ तैयार करने में जुटा है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इसे जल्द ही पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
निष्कर्ष: यह गुफा सिद्ध करती है कि छत्तीसगढ़ वास्तव में ‘संभावनाओं का गढ़’ है, जहाँ प्रकृति के अनमोल खजाने आज भी पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहे हैं।


