“अनुभव और कार्यशैली के आधार पर कार्यकारी से स्थायी अध्यक्ष बनीं पूर्व IAS रीता शांडिल्य।”
रायपुर_30 अगस्त 2025_जनचौपाल 36
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को नया स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। राज्यपाल के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 2002 बैच की रिटायर्ड IAS अधिकारी रीता शांडिल्य को यह जिम्मेदारी सौंपी है। वे इससे पहले आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम कर रही थीं।
अनुभवी अधिकारी का चयन
रीता शांडिल्य प्रशासनिक सेवाओं में लंबे समय तक सक्रिय रहीं और शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुकी हैं। उनकी कार्यशैली और अनुभव को देखते हुए उन्हें स्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
कार्यकारी से स्थायी अध्यक्ष तक का सफर
शांडिल्य आयोग में पहले से ही कार्यकारी अध्यक्ष थीं। उनके काम और निर्णय क्षमता को सराहना मिली, जिसके आधार पर अब उन्हें स्थायी अध्यक्ष बनाया गया है।
विवादों से घिरा रहा है आयोग
पिछले कुछ वर्षों में CGPSC अक्सर विवादों में रहा है। परीक्षाओं में गड़बड़ी, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और पक्षपात के आरोपों से आयोग की छवि को नुकसान पहुँचा। अभ्यर्थियों ने कई बार विरोध-प्रदर्शन कर निष्पक्ष भर्ती की मांग उठाई।
पारदर्शिता की उम्मीद
नई अध्यक्ष की नियुक्ति को पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्यपाल के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। रीता शांडिल्य अब तत्काल प्रभाव से आयोग की कमान संभालेंगी।


