जनचौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक /सुशासन पर सवाल
बीजापुर/रायपुर, 19 जनवरी 2026:
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रशासन की कथित ‘अवैध निर्माण हटाओ’ कार्रवाई ने मानवीय संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 16-17 जनवरी को नया बस स्टैंड के पीछे चत्तानपारा इलाके में वन भूमि पर बने 100 से अधिक मकानों पर बिना किसी पूर्व नोटिस के जेसीबी और बुलडोजर चलाए गए। बेघर हुए इन परिवारों ने नेशनल हाईवे-63 (रायपुर-हैदराबाद मार्ग) पर चक्का जाम कर मुआवजा और पुनर्वास की मांग की।
18 जनवरी को स्थानीय विधायक मंडावी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनके साथ सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका ने नोटिस दिए बिना कार्रवाई की, जिससे परिवार टेंटों में रहने को मजबूर हो गए। जाम के दौरान यातायात बाधित रहा, लेकिन नगर पालिका अधिकारियों और पुलिस के पहुंचने पर बातचीत के बाद हाईवे खुल गया। फिलहाल प्रशासन और प्रभावितों के बीच चर्चा जारी है।
सरकार सुशासन और जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, लेकिन यह घटना पुनर्वास नीति, पूर्व सूचना और मानवीय करुणा की कमी उजागर करती है। पीड़ित परिवारों ने मुआवजा, वैकल्पिक आवास और नोटिस प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
जनचौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक


