प्रविष्टि तिथि: 13 SEP 2025 | PIB रायपुर
रायपुर। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कभी नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र आज विकास की मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2014 से अब तक सरकार ने सुरक्षा, समावेशी विकास और पुनर्वास को केंद्र में रखकर जो पहल की है, उसके परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में श्री साहू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक पूर्णतः नक्सल-मुक्त भारत बनाना है।
विकास की मुख्यधारा में बस्तर
श्री साहू ने कहा, “संदेश साफ है कि हिंसा का कोई भविष्य नहीं है, भविष्य केवल विकास का है। कभी ‘रेड कॉरिडोर’ कहे जाने वाले इलाके अब ‘डेवलपमेंट कॉरिडोर’ बन रहे हैं। सड़कें, बिजली, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी भय और पिछड़ेपन की जगह ले रही हैं।”
उन्होंने बताया कि पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति 2025 के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को प्रोत्साहन राशि, मासिक भत्ता, भोजन-आवास सुविधा, हथियार जमा करने पर नकद सहायता, तथा शिक्षा और रोजगार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को दुगुने लाभ दिए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, नक्सल-मुक्त घोषित पंचायतों को एक करोड़ रुपये का विशेष विकास पैकेज दिया जा रहा है, ताकि सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और सोलर लाइटिंग जैसी सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध कराई जा सकें।
नियाद नेल्लनार योजना और आदिवासी सशक्तिकरण
श्री साहू ने जानकारी दी कि “नियाद नेल्लनार योजना” के तहत बस्तर के 90 गाँवों को आदर्श गाँव के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ सड़क, पानी, स्कूल, स्वास्थ्य और डिजिटल पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा, “यह केवल विकास की पहल नहीं, बल्कि आदिवासी युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास के ज़रिये मुख्यधारा में शामिल करने का अभियान है। यह हमारे जवानों की शहादत को श्रद्धांजलि देने और सुरक्षित-समावेशी भारत की गारंटी सुनिश्चित करने का मिशन है।”
सांसद महेश कश्यप का संबोधन
इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं बस्तर क्षेत्र के विकास की निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों को नए बाज़ार मिल रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को गति मिली है।
उन्होंने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा, “यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक और खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है। युवाओं को हिंसा और नशे से दूर कर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित किया है। हजारों युवाओं की भागीदारी ने साबित किया है कि बस्तर का भविष्य शिक्षा, खेल और कौशल विकास में है।”
बीजापुर में ऐतिहासिक प्रगति
जिलाधिकारी श्री संबित मिश्रा ने बताया कि बीजापुर जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-शिशु कल्याण, सड़क और जलापूर्ति के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई है।
नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना
45,000 से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरण
36,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ
हर-घर-जल योजना से गाँवों की पाइप जलापूर्ति
सड़कों का जाल बिछने से बदली जिले की तस्वीर।
नक्सल-मुक्ति की दिशा में ठोस कदम
पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र यादव ने बताया कि जिले में नक्सल-मुक्त अभियान के अंतर्गत सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। सुरक्षा और पुनर्वास योजनाएँ एक साथ लागू की जा रही हैं, जिससे नक्सली प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वालों को प्रोत्साहन राशि, आवास, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने नक्सलियों से अपील की,
“हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। सरकार हर संभव सहायता और सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है।”


