सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं से बदल रही है बस्तर की तस्वीर
रायपुर, 15 सितंबर 2025 | विशेष संवाददाता
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि कभी नक्सल हिंसा से जूझता बस्तर अब विकास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। गाँव-गाँव तक सड़कें पहुँच रही हैं, महिलाएँ उज्ज्वला योजना से धुएँ से मुक्ति पा रही हैं और गरीब परिवारों को पक्के मकान मिल रहे हैं। यही बदलता बस्तर अब नए भारत की तस्वीर गढ़ रहा है।
सुकमा में आयोजित “नक्सल मुक्त भारत : समृद्धि और एकता की राह” विषयक कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री साहू ने बताया कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करना है।
विकास और सुरक्षा साथ-साथ
श्री साहू ने कहा कि नक्सलवाद केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन की देन भी है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने “पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति 2025” लागू की है, जिसके तहत हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को आर्थिक मदद, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ दी जा रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू योजनाएँ—प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान—ग्रामीण अंचलों में नई ऊर्जा और उम्मीद पैदा कर रही हैं।
धरती आबा अभियान से आदिवासी गाँवों को नई दिशा
बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई और सरकार की योजनाओं से नक्सली संगठन बिखर रहे हैं। आने वाले समय में बस्तर शांति, प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शुरू किया गया “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 63,000 आदिवासी गाँवों का विकास करेगा, जिससे पाँच करोड़ से अधिक जनजातीय भाई-बहनों को सीधा लाभ मिलेगा।
पत्रकार समाज की नब्ज़
श्री साहू ने कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि पत्रकार समाज की आवाज़ और जनता की नब्ज़ समझने का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों और सवालों को गंभीरता से केंद्र तक पहुँचाया जाएगा।
उन्होंने अपील की कि पत्रकार सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ, ताकि नई पीढ़ी हिंसा से दूर रहकर शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सके।


