22.1 C
Raipur
Wednesday, October 28, 2026

ACB ग्रुप के खिलाफ CBI जांच की मांग, 30 को धरना

Must read

कोरबा, छत्तीसगढ़ /28 अक्टूबर 2026

ACB ग्रुप की कोलवाशरियों के विस्तार और रिजेक्ट कोल आधारित पावर प्लांटों के लिंकेज व प्रदूषण पर कार्रवाई की मांग- 30 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय कोरबा के सामने धरना

भारतीय जनाधिकार पार्टी, छत्तीसगढ़ के जिला संयोजक दिनेश यादव, जिलाध्यक्ष सूरजभान दास बैरागी और महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती रेखा भारतीय ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया कि ACB ग्रुप, उसकी संबद्ध कोलवाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं तथा SECL से जुड़ी जनहित शिकायतों पर पार्टी पहले दीपका और SECL मुख्यालय, बिलासपुर में धरना-प्रदर्शन कर चुकी है।

उन पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर अब 30 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय, कोरबा के सामने धरना आंदोलन किया जाएगा।

कोयले की आवक से रिजेक्ट कोल के अंतिम उपयोग तक संपूर्ण फोरेंसिक जांच, CBI जांच और संयुक्त SIT गठन की मांग।

पदाधिकारियों ने कहा कि कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में कोयला खनन, कोलवाशरी संचालन, ताप विद्युत उत्पादन और कोयला परिवहन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। संबंधित विभागों और सक्षम प्राधिकारियों को पहले भेजी गई शिकायतों में इन बिंदुओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है:

– कोलवाशरी की स्वीकृत क्षमता और क्षमता विस्तार
– कोयला लिंकेज और उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की प्राप्ति
– रिजेक्ट कोल और मिडलिंग्स की मात्रा
– पावर प्लांट में ईंधन का उपयोग
– पर्यावरणीय अनुपालन
– कोयले का वास्तविक लेखांकन

उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेखों, वास्तविक स्टॉक, परिवहन विवरण, उत्पादन रिकॉर्ड, पर्यावरणीय निगरानी और वैज्ञानिक परीक्षणों का आपस में मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। विशेष रूप से:

कोयला लिंकेज से प्राप्त कोयले का वास्तविक उपयोग कहां और कितना हुआ?

पूर्व शिकायतों में बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की प्राप्ति और उपयोग पर प्रश्न उठाए गए हैं। संबंधित अवधि के कोयला लिंकेज, आवंटन, Fuel Supply Agreement (FSA), उठाव, परिवहन, प्राप्ति, गुणवत्ता और अंतिम उपयोग का आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापन कराया जाए।

जांच में स्पष्ट किया जाए कि कोयले की घोषित मात्रा और वास्तविक प्राप्ति में कितना अंतर है, कोयले का उपयोग किन इकाइयों में हुआ और क्या संबंधित अनुबंधों व सरकारी शर्तों का पालन किया गया।

जब पावर प्लांट में रिजेक्ट कोल और मिडलिंग्स का उपयोग किया जाना है, तो उसके वास्तविक ईंधन मिश्रण, गुणवत्ता, मात्रा, तापीय क्षमता, उत्पादन और लागत का सत्यापन आवश्यक है।

पदाधिकारियों ने बताया कि धरने में ACB ग्रुप और SECL से जुड़ी शिकायतों पर स्वतंत्र जांच और कार्रवाई की मांग रखी जाएगी, साथ ही CBI जांच और संयुक्त विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की जाएगी।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article