रायपुर, 22 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले में अब तक 1 लाख 37 हजार 139 घरों में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है।
जिला गठन के समय यह संख्या बेहद सीमित थी और केवल कुछ ही गांव हर घर जल की श्रेणी में आते थे।
9 सितंबर 2022 को जांजगीर-चांपा से विभाजित होकर अस्तित्व में आए सक्ती जिले में प्रशासन ने जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देते हुए तेज गति से कार्य किया। मिशन के अंतर्गत जिले के 456 गांवों के लिए कुल 565 जल आपूर्ति योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
इन योजनाओं पर लगभग 601.72 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है, जिसका उद्देश्य 1 लाख 56 हजार 245 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम यह है कि जिले के 181 गांव अब ‘हर घर जल’ प्रमाणित हो चुके हैं, जबकि जिला गठन के समय यह संख्या मात्र तीन थी। चारों विकासखंड—सक्ती, जैजैपुर, डभरा और मालखरौदा—में नल-जल योजनाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सक्ती विकासखंड में अधिकांश परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुका है, वहीं जैजैपुर, डभरा और मालखरौदा में भी बड़ी संख्या में घरों तक जल आपूर्ति शुरू हो चुकी है।
अब तक स्वीकृत 565 योजनाओं में से 221 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ाए जाने के बाद शेष योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। प्रशासनिक सक्रियता, विभागीय समन्वय और ग्राम पंचायतों की सहभागिता से सक्ती जिला ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है।


