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Saturday, March 7, 2026

“छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से आया एक ऐतिहासिक फैसला:_राज्य सरकार को निर्देश देते कहा”

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न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने राज्य सरकार को 60 दिनों के भीतर नियमित करने का दिया आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 60 दिनों के भीतर नियमित करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत की सांस लेकर आया है जो पिछले कई वर्षों से स्थायित्व की मांग कर रहे थे। न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने योजना एवं सांख्यिकी विभाग, कांकेर और रायपुर में कार्यरत कर्मचारियों के मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

कर्मचारियों की मांग

नियमितीकरण की मांग कर रहे थे संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी 10 से 25 वर्षों से नियमित पदों पर कार्यरत होने के बावजूद नहीं मिल रहा था स्थायित्व आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और अनुभव रखने के बावजूद नहीं हो रहा था नियमितीकरण।

हाईकोर्ट का फैसला:_राज्य सरकार को 60 दिनों के भीतर नियमित करने का आदेश न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने दिया आदेश कर्मचारियों को स्थायित्व देने से संबंधित मामलों में महत्वपूर्ण फैसला ।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि वह इन कर्मचारियों को 60 दिनों के भीतर नियमित करें। यह आदेश उन कर्मचारियों के लिए राहत की सांस जैसा है, जो पिछले कई वर्षों से स्थायित्व की मांग कर रहे थे।

दरअसल योजना एवं सांख्यिकी विभाग, कांकेर और रायपुर में कार्यरत बृहस्पति त्रिपाठी, राजकुमार चोपड़ा, सन्त कुमार और मणिकपुरी ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इन कर्मचारियों का कहना था कि वे पिछले 10 वर्षों से नियमित पदों पर कार्यरत हैं और सभी आवश्यक शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव रखते हैं।

जस्टिस बी.डी. गुरु की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद यह स्पष्ट किया कि जब कर्मचारी विभाग के वर्क कल्चर और कार्यशैली से भली-भांति परिचित हैं और पर्याप्त अनुभव भी रखते हैं, तो उन्हें नियमित करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने राज्य शासन को 60 दिन के भीतर इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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