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Saturday, March 7, 2026
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लेख-आलेख

“मुझे ज़िंदगी दे दो, ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?”बेशुमार दौलत के आगे भी एक सवाल?

प्रभु ने जो जीवन हमें उपहार में दिया है, उसे दूसरों की भलाई और अच्छे कर्मों में लगाओ। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा...

भारत बंद:_78 साल के भारत में क्या बदला,30 करोड़ मजदूरों का शोर या सिस्टम की खामोशी?

नई दिल्ली(भारत बंद)_विशेष लेख_12/02/2026 (ज्वाला' और 'ज्योतिपति' का वैचारिक महासंग्राम!)कहो ज्योति पति आज फिर तुम गुमसुम खड़े हो तुम्हारे पास क्या मुद्दा है ""यह मुझे...

रसोई की ‘ज्वाला’ और ज्योतिपति की चिंता: क्या घर के मुखिया देंगे राहत?

ज्योतिपति सोच रहा था कहीं रसोई की आग में उसका पूरा वजूद खत्म न हो जाए,उसको अब भुक्तभोगी जनता का समग्र संसार दिखने लगा।...

लाइफ मंत्रा: स्वयं को जानना ही जीवन है, केवल पाना और खोना नहीं

आज का मंत्र: जल, थल और गगन तक मनुष्य की पहुँच है, लेकिन उसकी सबसे लंबी और सबसे जरूरी यात्रा उसके 'स्वयं के भीतर'...

1925 का वह निर्णायक मोड़: दो विचारधाराओं के 100 साल का एक तुलनात्मक विवरण

विशेष आलेख | दिनांक: 04.01.2026 भारत के वैचारिक इतिहास में साल 1925 एक सबसे निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज है। यह वही साल था...

“747.2 अरब डॉलर बाहरी कर्ज पर भारत राज: GDP का मात्र 19%, विकास का इंजन!

भारत का विदेशी कर्ज $747 अरब पहुंचा, लेकिन घबराओ मत—ये बोझ नहीं, विकास का साथी है नई दिल्ली:29/12/2025 उभरती महाशक्ति भारत की चमकती अर्थव्यवस्था...

भगवान का प्रश्न: जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी के विचार

आस्था, तर्क और इंसानी ज़िम्मेदारी: एक सार्वजनिक बहस का अर्थ। नई दिल्ली:_22/12/2025 हाल ही में दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में “क्या भगवान मौजूद हैं?” जैसे संवेदनशील...

जो करना है… खुद को करना है: कर्म ही जीवन है

(कर्म की शक्ति पर एक आध्यात्मिक–दार्शनिक रचना)"जहाँ प्रतिक्रिया थमती है, वहीं समझ जन्म लेती है”“प्रतिक्रिया नहीं, समझ चुनिए—यही कर्म की परिपक्वता है” जीवन में उलझना...

छत्तीसगढ़ के आरंग के पास रीवा ग्राम खुदाई में 2000 से अधिक प्राचीन सिक्के मिले.?

आरंग/रायपुर, 08 दिसंबर 2025 खबर मीडिया सूत्र:— छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र के निकट ग्राम रीवा में पुरातत्व विभाग की खुदाई में प्राचीन मुद्राओं से भरे...

“मोह का प्रभाव और बढ़ता असंतोष”

लेख आलेख/जनचौपाल 36 _18/11/2025 आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोह और तुलना लोगों के भीतर असंतोष और बेचैनी बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार,...

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