यातायात व्यवस्था पर सख्ती समझें या समझाईश—अब राजधानी के पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा।”
रायपुर : Janchoupal 36_30.08.2025
राजधानी रायपुर में बेतरतीब यातायात व्यवस्था और नियमों की अनदेखी अब आम बात हो चुकी है। सड़कों पर रोजाना जाम, गलत दिशा में चलने वाले वाहन और सबसे बड़ी समस्या—बिना हेलमेट दोपहिया चालक। इन लापरवाहियों ने कई परिवारों को अपूरणीय क्षति दी है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने जनहित में बड़ा फैसला लिया है। एसोसिएशन ने घोषणा की है कि
1 सितम्बर से शहर में बिना हेलमेट किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं मिलेगा।
अध्यक्ष अखिल धगट के नेतृत्व में एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि हाल के दिनों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें सिर पर चोट लगने से हुईं, और पीड़ितों में से अधिकतर ने हेलमेट नहीं पहना था।
पुलिस-प्रशासन की भूमिका
ट्रैफिक पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चलाती रही है, चालानी कार्रवाई भी होती है, फिर भी सड़क पर नियम तोड़ने वालों की संख्या कम नहीं होती। कई लोग हेलमेट सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए रखते हैं, लेकिन सड़क पर चलाते समय पहनना जरूरी नहीं समझते। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा उठाया गया यह कदम, पुलिस की कोशिशों को और मजबूत करेगा।
वाहन चालकों की जिम्मेदारी
वाहन चलाना केवल अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है। लाल बत्ती तोड़ना, ओवर स्पीडिंग करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना और मोबाइल पर बात करना जैसे खतरनाक व्यवहार यातायात को अव्यवस्थित करते हैं। सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है।
एसोसिएशन का संदेश
श्री धगट ने स्पष्ट किया—
“यह अभियान किसी पर दंड लगाने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए है। हम चाहते हैं कि हर परिवार सुरक्षित रहे और कोई सड़क पर अपनी जान न गंवाए।”
निष्कर्ष
अब सवाल यह है कि क्या लोग इस अभियान को गंभीरता से लेकर अपनी आदतें बदलेंगे, या फिर यह भी एक औपचारिक नियम बनकर रह जाएगा। पर इतना तय है कि पेट्रोल पंप संचालकों का यह कदम जनहित में मिसाल बन सकता है और रायपुर की यातायात व्यवस्था में नई उम्मीद जगा सकता है।


