28.1 C
Raipur
Wednesday, September 23, 2026

मुठभेड़ मामले में महिला आरोपी बरी, अदालत ने कहा सबूतों से नहीं जुड़ पाई भूमिका

Must read

 बिलासपुर: महिला आरोपी मांगो उर्फ सिंधु नुरेटी, निवासी बारनागुडा, नारायणपुर को माओवादी गतिविधियों से जुड़े एक मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. बिलासपुर की एनआईए विशेष अदालत ने पुलिस पर हमले, अवैध हथियार रखने और प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों से उसे बरी कर दिया है.अदालत में मामले की सुनवाई न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी ने की. फैसला सुनाते हुए अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त और ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह साबित नहीं कर सका कि संबंधित मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर गोली चलाने वाले समूह में मांगो नुरेटी भी शामिल थी.

12 अप्रैल 2024 को जंगल में हुआ था पुलिस और माओवादियों के बीच सामना

मामला 12 अप्रैल 2024 का है. अभियोजन के मुताबिक धमतरी जिले के नगरी इलाके में डीआरजी, गरियाबंद डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान के तहत एकावारी के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में पहुंची थी.बताया गया कि शाम करीब 4.30 से 5.30 बजे के बीच जंगल में मौजूद करीब 20 से 25 माओवादियों ने पुलिस टीम पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षा बलों की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद माओवादी कथित तौर पर जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से निकल गए.

मुठभेड़ स्थल से कई सामान मिलने का किया गया था दावा

अभियोजन की ओर से अदालत में बताया गया था कि घटनास्थल की तलाशी के दौरान बीजीएल सेल, सोलर प्लेट, बिजली के तार, माओवादी वर्दी, साहित्य और दवाइयों समेत कई सामान बरामद किए गए थे.इसी मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के आरक्षक सोढ़ी हिंगा के घायल होने की बात भी अभियोजन पक्ष ने रखी थी. मामले में इन घटनाओं और बरामदगी को आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जोड़ने की कोशिश की गई.

पहचान और बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों पर अदालत ने उठाए सवाल

अदालत के सामने आरोपी की पहचान को लेकर प्रस्तुत साक्ष्यों में पर्याप्त स्पष्टता नहीं पाई गई. इसके अलावा ओडिशा पुलिस से आरोपी की सुपुर्दगी, चोट और हथियार बरामदगी से संबंधित साक्ष्यों में भी कमियां और विरोधाभास सामने आए.अभियोजन पक्ष घटनास्थल से मिले सामान और आरोपी के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं कर सका. इसी तरह यह भी निर्णायक रूप से साबित नहीं हो पाया कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग करने वालों में मांगो नुरेटी मौजूद थी.

ठोस प्रमाण नहीं मिलने पर सभी आरोपों से मिली राहत

अदालत ने माना कि केवल परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की मुठभेड़ में भूमिका साबित नहीं की जा सकती. अभियोजन पक्ष आरोपी कीमौजूदगी, पहचान और कथित गतिविधियों को पर्याप्त प्रमाणों के साथ जोड़ने में सफल नहीं रहा.इन्हीं साक्ष्यगत कमियों के आधार पर एनआईए विशेष अदालत ने मांगो उर्फ सिंधु नुरेटी को उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया.

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article