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Wednesday, September 23, 2026

काउंसिलिंग रजिस्टर में कथित काट-छांट ने खड़ा किया विवाद, शिक्षिका और महिला थाना काउंसलर पर FIR

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छत्तीसगढ़ : महिला परामर्श केंद्र के काउंसिलिंग रजिस्टर में कथित तौर पर छेड़छाड़ और दस्तावेजों में बदलाव का आरोप सामने आया है। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने एक शिक्षिका और महिला थाना की काउंसलर के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामला न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुआ है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS की धारा 337 और 340 के तहत कार्रवाई शुरू की है।आरोपितों में रीतू पाण्डेय मिश्रा, जो केंद्रीय विद्यालय रायगढ़ में प्राथमिक शिक्षिका बताई गई हैं, और महिला थाना की काउंसलर आशा सिंह शामिल हैं।

12 जून 2023 की काउंसिलिंग से जुड़ा है मामला

शिकायतकर्ता सुधांशु मिश्रा के मुताबिक उनकी पत्नी की ओर से महिला परामर्श केंद्र में शिकायत की गई थी। इसी शिकायत के सिलसिले में 12 जून 2023 को अंतिम काउंसिलिंग हुई थी। इस दौरान महिला थाना की काउंसलर आशा सिंह ने दोनों पक्षों की काउंसिलिंग की थी।शिकायतकर्ता का दावा है कि उस समय काउंसिलिंग रजिस्टर में महिला थाना में चल रहे एक प्रकरण को खत्म कराने की बात दर्ज की गई थी। उनके अनुसार संबंधित प्रविष्टि पर पति-पत्नी और काउंसलर के हस्ताक्षर भी मौजूद थे।

प्रमाणित प्रति और चालान में अंतर का आरोप

मामले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में उनकी पत्नी की ओर से सरकंडा थाने में पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया गया।सुधांशु मिश्रा का आरोप है कि बाद में उन्हें मिली काउंसिलिंग रजिस्टर की प्रमाणित प्रति और मामले के चालान में दर्ज जानकारी में अंतर दिखाई दिया। इसी आधार पर उन्होंने रजिस्टर में कथित काट-छांट और दस्तावेजों में हेरफेर किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की।हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता और दस्तावेजों में बदलाव किस स्तर पर हुआ, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

IG और SP से शिकायत के बाद न्यायालय का रुख

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने पहले IG, SP और महिला थाना में मामले की शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता धनंजय मिश्रा के माध्यम से न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमारी रिया चक्रवर्ती के आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 1282 दर्ज किया। अब पुलिस काउंसिलिंग रजिस्टर समेत उन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिनके आधार पर कथित हेरफेर का आरोप लगाया गया है।

पुराने 498-A केस का भी शिकायत में जिक्र

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि उनकी पत्नी की ओर से पहले दर्ज कराया गया 498-A का मामला हाईकोर्ट से खारिज हो चुका है। पुलिस की मौजूदा कार्रवाई हालांकि काउंसिलिंग रजिस्टर और संबंधित दस्तावेजों में कथित हेरफेर के आरोपों की जांच से जुड़ी है।पुलिस जांच में दस्तावेजों की मूल प्रतियां, प्रमाणित प्रतियां और चालान में दर्ज विवरण का मिलान किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रजिस्टर में वास्तव में कोई बदलाव या काट-छांट हुई थी या नहीं और यदि हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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