बेमेतरा में नकली पनीर और नकली दूध से बने सामान पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, अब होटल-ढाबे पर भी होगी सख्त कार्रवाई
बेमेतरा- 02 अगस्त 2026
अगर आप बाजार से पनीर, मक्खन या क्रीम खरीदते हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
आपकी सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। बाजार में असली पनीर के नाम पर बिक रहे नकली पनीर (डेयरी एनालॉग) और दूध जैसे दिखने वाले भ्रामक प्रोडक्ट्स पर पूरे प्रदेश के साथ बेमेतरा जिले में भी तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।
आखिर ये नकली पनीर है क्या?
ये वो पनीर है जो दूध से नहीं, बल्कि पाम ऑयल, वनस्पति तेल, केमिकल और मिल्क पाउडर जैसी चीजों से बनाया जाता है। देखने में, पैकिंग में और नाम में ये बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन होता नकली है। यही नकली पनीर होटलों, शादियों, ढाबों और मिठाई दुकानों में धड़ल्ले से परोसा जा रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक इससे पेट की बीमारी, कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां बढ़ती हैं।
अब क्या होगा?
सरकार ने साफ कर दिया है –
ऐसा कोई भी सामान जो दूध का नहीं है, लेकिन पनीर, क्रीम, मक्खन के नाम और रूप में बेचा जा रहा है, वो बनाना, रखना, लाना-ले जाना और बेचना – सब अपराध है।
बेमेतरा के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई दुकान, डेयरी और किराना दुकान वालों को सख्त चेतावनी दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब जिले में लगातार छापेमारी करेगी। नकली सामान मिला तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत दुकान सील और भारी जुर्माना व जेल तक की कार्रवाई होगी।
जनता क्या करे?
यह लड़ाई आपके सहयोग के बिना नहीं जीती जा सकती।
खरीदते समय क्या देखें: पनीर या दूध का कोई भी पैकेट खरीदते समय उसका लेबल जरूर पढ़ें। उसमें Dairy Analog या Contains Vegetable Fat तो नहीं लिखा है? अगर लिखा है तो वो नकली है।
शिकायत कहाँ करें: अगर आपको लगे कि आपके आसपास कोई दुकान, होटल या ढाबा नकली पनीर बेच रहा है, तो तुरंत इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग, बेमेतरा को दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
याद रखें – जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित बाजार की सबसे बड़ी ताकत है।
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