नशा मुक्त युवा अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की लत एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को तोड़ देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशव्यापी राष्ट्रीय नशा मुक्त युवा अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश के 28 हजार से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से अधिक युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक लगातार चलाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “ड्रग एडिक्ट होने के बाद व्यक्ति कहीं का नहीं रहता। केवल एक युवा नहीं हारता, एक सपना हार जाता है, एक सपने की बाल मृत्यु हो जाती है। एक परिवार हार जाता है, पूरा का पूरा परिवार टूट जाता है। समाज से भी नफरत का शिकार बन जाता है और एक मां के दुख का कारण बन जाता है।”
विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम सभी जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह अभियान व्यक्ति के लिए है, परिवार के लिए है, समाज के लिए है और सबसे बड़ी बात है यह राष्ट्र के लिए है, विकसित भारत संकल्प के लिए है।
उन्होंने कहा कि जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए आवश्यक है कि देश का युवा तन से स्वस्थ हो, मन से स्वस्थ हो, विश्वास से भरपूर हो और नशा जैसी घातक आदत से हमेशा दूर रहे। यही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने युवाओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे नशे और ड्रग्स के खतरों को समझें, हर तरह से जागरूक रहें और उससे दूर रहें।
काशी की धरती से शुरू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री ने काशी के सांसद होने के नाते खुशी जताते हुए बताया कि इस अभियान का पायलट प्रोजेक्ट पिछले साल काशी की पवित्र धरती से शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि इसलिए इसमें वैज्ञानिक स्पष्टता के साथ-साथ आध्यात्मिक ऊर्जा भी है, संतों के आशीर्वाद भी हैं और महान सांस्कृतिक विरासत का समर्पण भी है, जिसने सदियों से नशे को खारिज किया है।
उन्होंने जानकारी दी कि देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक और सामाजिक संगठनों ने ‘काशी डिक्लेरेशन’ के जरिए इस दिशा में रोडमैप तय किया और आज काशी से उठा वह कल्याणकारी विचार एक नेशनल प्रोजेक्ट बन गया है। इस अभियान से जुड़ने के लिए पूज्य संत जन, अलग-अलग राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों का भी उन्होंने अभिनंदन किया।
100 रविवार, 100 मजबूत कदम
पीएम मोदी ने कहा कि जब कंधे से कंधा मिलाकर करोड़ों लोग चल पड़ते हैं तो जो लोग व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं कर पाते, उन्हें भी नई ऊर्जा मिलती है।
उन्होंने बताया कि आज लिया गया यह संकल्प आने वाले 100 सप्ताह तक लगातार आगे बढ़ेगा। हर रविवार कला, संस्कृति, मेडिटेशन, अध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियां होंगी, जिनके माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश नए लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने इसे ‘100 मजबूत स्टेप फॉर नशा मुक्त भारत’ बताया।
इस कार्यक्रम से हजारों स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लाखों विद्यार्थी ऑनलाइन जुड़े। माय भारत के लाखों वॉलंटियर्स और एनआरआई युवाओं ने भी इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं द्वारा प्रस्तुत नाट्य मंचन की प्रधानमंत्री ने सराहना की और कहा कि कम समय में उन्होंने समस्या, उसके कारण और निदान को बहुत अच्छे तरीके से बताया।
अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत की अमृत पीढ़ी बताते हुए कहा, “आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन को भी दिशा देंगे और 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक लेकर जाएंगे।
उसके शिखर पर आप ही बैठे होंगे। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी कल्पना शक्ति और आपके टैलेंट की जरूरत है, इसलिए खुद को नशा मुक्त रखना बहुत जरूरी है। नशा फोकस को भटकाता है और धीरे-धीरे युवा को उसके अपने सपनों से दूर ले जाता है।”