बरसात में ग्रामीणों के घर तोड़े: भाजपा सरकार संवेदनहीन हो चुकी है – आशीष छाबड़ा
बेमेतरा/छत्तीसगढ़ 03 जुलाई 2026
आशीष छाबड़ा ने कहा, “भरी बरसात में लोगों के सिर से छत छीनी जा रही है। बदले में नया रायपुर सेक्टर-30 में जो अस्थायी व्यवस्थापन किया गया है, वह सिर्फ खानापूर्ति है। सेक्टर-30 में 1 BHK के फ्लैट में संयुक्त परिवारों को रहने के लिए जगह दी गई है, जबकि एक संयुक्त परिवार में कई दंपती होते हैं। ऐसे में एक कमरे में गुजारा कर पाना संभव नहीं है।”
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने धरसीवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नकटी में विधायक निवास बनाने के लिए प्रशासन द्वारा खाली कराए जा रहे मकानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह सरकार मानवता को भूल चुकी है और पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक निवास बनाने के लिए शासन के पास अन्य जगह भी उपलब्ध थी, किंतु मानवता से मुंह मोड़ लेने वाली भाजपा सरकार को लोगों की संवेदना से कोई लेना-देना नहीं है। “इन्हें मात्र इससे मतलब है कि प्रदेश को कैसे लूटा जा सकता है, आम जनता को कैसे परेशान किया जा सकता है। यही इस सरकार का मकसद है। यही कारण है कि बरसात में लोगों को उनके घरों से विस्थापित किया गया है और लोगों के खून-पसीने की कमाई पर बुलडोजर चलाया गया है।”
छाबड़ा ने कहा कि एक भी भाजपा जनप्रतिनिधि या विधायक इस कार्रवाई को रोकने के लिए सामने नहीं आया। “लोगों को इससे नुकसान हो रहा है। आशियाना छिन जाने से न केवल उनके दैनिक कार्यों पर प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी ऐसी स्थिति में स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।”
उन्होंने भाजपा सरकार को “अमीरों की सरकार” बताते हुए कहा कि उसे गरीब और आम जनता से कोई लेना-देना नहीं है। “इन्हें सिर्फ अपने कमीशन और दिखावे की जल्दी है। पूर्व में धरसीवां के जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि नकटी में किसी प्रकार से विस्थापन की कार्रवाई नहीं की जाएगी, किंतु आज वही जनप्रतिनिधि नकटी में हो रहे विस्थापन और लोगों के घरों पर चल रहे बुलडोजर से कोई सरोकार नहीं रख रहे।”
आशीष छाबड़ा ने कहा कि आम जनता अपने दर्द से परेशान है। बरसात में आशियाना उजड़ने से लोग अपनी व्यवस्था कैसे करेंगे, यह भाजपा सरकार ने नहीं सोचा। “यही स्थिति भाजपा सरकार द्वारा किसानों, कर्मचारियों एवं आम जनता के साथ लगातार पिछले कई वर्षों से की जा रही है। भाजपा की सरकार संवेदनहीन सरकार है और भाजपा के जनप्रतिनिधियों की आत्माएं मर चुकी हैं।”
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