एचआईवी जागरूकता अभियान, 200 विद्यार्थियों को दी गई बचाव और रोकथाम की जानकारी
बेमेतरा – 25 अक्टूबर 2026
एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को संक्रमण से बचाव के प्रति शिक्षित करने के उद्देश्य से बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदिरा गांधी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, साजा में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, यौन संचारित संक्रमणों और संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) और छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के दिशा-निर्देशों के तहत चलाए जा रहे सघन सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान (Intensified IEC Campaign) के अंतर्गत यह पहल की गई। कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा की आईसीटीसी इकाई के माध्यम से किया गया।
सही जानकारी ही बचाव का पहला कदम
कार्यक्रम के दौरान परामर्शदाता अभिषेक राजपूत ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स के संक्रमण के कारणों, इससे बचाव और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यौन संचारित संक्रमण (STI) और प्रजनन तंत्र से संबंधित संक्रमण (RTI) पर भी जानकारी साझा की गई।
आईसीटीसी के एमएलटी अरुण कुमार यादव ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स से जुड़ी सहायता और जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1097 के बारे में बताया। इसके साथ ही एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रमुख प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
जागरूकता रैली के जरिए दिया स्वस्थ समाज का संदेश
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को जागरूकता संबंधी सामग्री वितरित की गई। इसके बाद जागरूकता रैली निकाली गई, जिसके माध्यम से छात्राओं ने समाज को एचआईवी/एड्स के प्रति सजग रहने और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी अपनाने का संदेश दिया। रैली में “जागरूक समाज, स्वस्थ छत्तीसगढ़” का संदेश प्रमुख रहा।
युवाओं में जागरूकता क्यों जरूरी?
एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में आज भी कई तरह की भ्रांतियां और संकोच देखने को मिलते हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम युवाओं तक प्रमाणिक स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। संक्रमण से बचाव के साथ-साथ एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति भेदभाव से बचना और उनके सम्मान एवं अधिकारों को समझना भी जरूरी है।
साजा में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक पहल रहा।
अब ऐसे प्रयासों की उपयोगिता इस बात से भी तय होगी कि विद्यार्थियों तक पहुंची जानकारी उनके परिवारों और व्यापक समुदाय में कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है।
- Advertisement -![spot_img]()
- Advertisement -![spot_img]()