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Wednesday, October 7, 2026

छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन बारिश के आसार, रायपुर में गर्मी ने किया परेशान

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 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनभर तेज धूप के चलते गर्मी का असर बना रहा। शाम होते-होते आसमान में बादल छाए, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं मुंगेली और बलरामपुर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई।

हालांकि, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधि सीमित रही। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

रायपुर में 34.8 डिग्री रहा तापमान

राजधानी रायपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को शाम या रात के समय बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।इस दौरान रायपुर का तापमान करीब 34 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

इन जिलों में हल्की बारिश के संकेत

मौसम विभाग के मुताबिक 7 अक्टूबर को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।मौसम की यह स्थिति अगले दो दिनों तक भी कुछ क्षेत्रों में बनी रह सकती है। हालांकि, प्रदेशभर में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है।

मुंगेली और बलरामपुर में हुई बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। इस दौरान मुंगेली और बलरामपुर जिले के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में 35.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं पेंड्रा रोड में 19.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका का असर

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम में बदलाव का कारण चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका का प्रभाव है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक द्रोणिका भी सक्रिय है। यही मौसमी परिस्थितियां आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।

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